इन आरोपों के मद्देनजर आपकी सच्चाई, चरित्र और निष्ठा पर सवाल उठते हैं

रॉबर्ट ओपेनहाइमर पर लगे आरोपों के संबंध में यह पत्र भेजा गया था। प्रारम्भ में यह पत्र गुप्त था मगर बाद में इसे सार्वजनिक कर दिया गया।

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डॉ जे. आर. ओपेनहाइमर
इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी
प्रिंस्टन, न्यू जर्सी

दिसंबर 23, 1953

प्रिय डॉ. ओपेनहाइमर,

परमाणु ऊर्जा अधिनियम 1946 की धारा 10 परमाणु ऊर्जा कमीशन पर यह आश्वस्त करने की ज़िम्मेदारी सौंपती है कि व्यक्ति विशिष्ट केवल तब तक कमीशन की नौकरी पर रहता है जब तक कि उसके नौकरी पर होने से सामान्य रक्षा और सुरक्षा को खतरा नहीं होता है। इसके साथ-साथ, 27 अप्रैल, 1953 का प्रशासनिक आदेश 10,450 ऐसे हर एक व्यक्ति को नौकरी से निकाले जाने की मांग करता है, जहां कोई ऐसी सूचना हो जो कि यह निर्देशित करती हो कि उसका नौकरी में रहना देश की सुरक्षा के हितों के साथ साफ तौर पर मेल न खाती हो।
आपके चरित्र, संपर्कों और निष्ठा का अतिरिक्त निरीक्षण करने के परिणामस्वरूप, और आपकी व्यक्तिगत सुरक्षा फाइल को परमाणु ऊर्जा अधिनियम की जरूरतों को ध्यान में रखते हुये और प्रशासनिक आदेश 10450 की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठ खड़े हुये हैं कि पारमाण्विक ऊर्जा कमीशन में आपकी यह नियुक्ति क्या सामान्य रक्षा और सुरक्षा को खतरे में डालेगी और क्या आपकी यह नियुक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा के हितों से मेल खाती है? यह पत्र के द्वारा आपको यह संदेश है कि आपको इन सवालों का हल निकालने में मदद करनी होगी। Read More……

Oppenheimer with Einstein

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